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Nafrat Shayari in Hindi – दिल छू लेने वाली नफरत शायरी

Nafrat Shayari in Hindi gives words to the pain of betrayal, broken trust, and relationships that no longer feel the same. Sometimes, silence hides emotions that are difficult to express, and heartfelt shayari says them beautifully. If you enjoy emotional Hindi poetry, you may also like Aukat Shayari, Raksha Bandhan Shayari, and Sad Yaad Shayari. Nafrat Shayari in Hindi helps express those unspoken feelings.

Best Nafrat Shayari in Hindi

Best Nafrat Shayari in Hindi

कभी जिसे दिल से चाहा था, वही सबसे पराया निकला,
मोहब्बत तो बची नहीं, बस दिल में नफरत का साया निकला।

तेरी यादों से अब कोई शिकायत नहीं रही,
जिस दिल में प्यार था, वहाँ अब नफरत ही सही।

तुमने जो दर्द दिया, वो कभी भुलाया नहीं जाएगा,
अब तुम्हारा नाम भी दिल से प्यार नहीं, नफरत बनकर आएगा।

जिसे अपना समझकर हर राज़ बताया था,
उसी ने मेरी खामोशी को तमाशा बनाया था।

अब न प्यार की चाहत है, न किसी से उम्मीद रही,
जिसने दिल तोड़ा, उससे बस इतनी दूरी सही।

तुम बदल गए तो हमने भी दिल बदल लिया,
जहाँ कभी मोहब्बत थी, वहाँ अब नफरत रख लिया।

तेरे झूठ ने मेरी मोहब्बत को इतना तोड़ दिया,
अब सच भी सुनता हूँ तो दिल भरोसा नहीं करता।

हमने तुम्हें खोकर बहुत कुछ सीख लिया,
हर मुस्कुराते चेहरे को अपना मानना छोड़ दिया।

नफरत भी उसी से होती है जो कभी खास रहा हो,
वरना हर अजनबी से दिल का रिश्ता कहाँ रहा हो।

तुम्हारी बेवफाई ने दिल को पत्थर कर दिया,
जिसे प्यार कहते थे, उसी ने नफरत करना सिखा दिया।

अब तेरी तस्वीर देखकर दिल नहीं धड़कता,
कभी जिस नाम पर मुस्कुराते थे, आज वही चुभता।

तुम्हें भूलना मुश्किल था, मगर नफरत आसान कर गई,
जो मोहब्बत अधूरी थी, उसे दूरी ने पूरा कर गई।

हम खामोश हैं तो इसे कमजोरी मत समझना,
दिल से उतर चुके हो, अब दोबारा जगह मत माँगना।

तुम्हारे बाद किसी पर ऐतबार नहीं किया,
जिसे दिल दिया था, उसने ही दिलदार नहीं किया।

कुछ रिश्ते टूटकर भी बहुत कुछ सिखा जाते हैं,
जो अपने होते हैं, वही कभी-कभी पराए हो जाते हैं।

दिल में नफरत वाली शायरी

दिल में नफरत वाली शायरी

जिसे कभी दिल में सबसे करीब रखा था,
आज उसी के लिए दिल में नफरत बची है।

तेरे दिए दर्द को दिल ने चुपचाप सह लिया,
जहाँ प्यार था कभी, वहाँ नफरत ने घर कर लिया।

अब तेरा नाम सुनकर कोई एहसास नहीं होता,
जिस दिल में तू था, वहाँ अब तेरे लिए कुछ नहीं होता।

हमने तो रिश्ते को पूरी ईमानदारी से निभाया था,
तुमने ही अपने व्यवहार से दिल में नफरत जगाया था।

कभी तेरी खुशी के लिए खुद को भुला देते थे,
आज तेरा जिक्र आते ही हम खामोश हो जाते हैं।

तुम्हारी यादें अब दिल को तड़पाती नहीं हैं,
बस पुरानी गलतियों पर खुद से नाराज़गी होती है।

जिसे अपना समझकर दिल सौंप दिया था,
उसी ने हमें गैर समझकर सब कुछ छीन लिया।

तेरी बेरुखी ने इतना बदल दिया हमें,
अब किसी से जुड़ने से पहले डर लगता है हमें।

नफरत यूँ ही किसी से नहीं होती,
इसके पीछे किसी अपने की दी हुई चोट होती है।

तुम्हें खोने का दुख अब बाकी नहीं रहा,
बस तुम पर किया भरोसा आज भी खटकता है।

दिल में तेरे लिए अब कोई जगह नहीं बची,
जो मोहब्बत थी कभी, वो नफरत बनकर रह गई।

तुमने रिश्ते को जिस तरह से ठुकराया था,
उसी पल दिल ने तुम्हें अपना मानना छोड़ दिया था।

अब तुझसे न कोई शिकायत है, न कोई उम्मीद,
दिल ने सीख लिया है तुझसे दूर रहकर जीना।

कभी तुम्हारी एक मुस्कान पर दिल हार जाते थे,
आज वही चेहरे से नजरें चुराकर निकल जाते हैं।

तुमने जो किया, उसे भूलना आसान नहीं था,
इसलिए दिल ने प्यार की जगह नफरत चुन ली।

Bewafa Nafrat Shayari in Hindi

तेरी बेवफाई ने हमें इतना बदल दिया,
जिसे दिल से चाहा था, उसी से नफरत करना सिखा दिया।

तूने वादे तो बहुत किए थे मेरे साथ,
मगर वक्त आया तो छोड़ दिया मेरा हाथ।

जिसे अपनी दुनिया समझकर सब कुछ सौंप दिया,
उसी ने किसी और के लिए हमें भुला दिया।

तेरी याद अब आँखों में आँसू नहीं लाती,
बस तेरी बेवफाई दिल में नफरत जगा जाती।

हमने तुझ पर खुद से ज्यादा भरोसा किया था,
तूने उसी भरोसे को सबसे पहले तोड़ा था।

कभी तेरे बिना एक पल भी मुश्किल लगता था,
आज तेरा नाम सुनना भी अच्छा नहीं लगता।

तेरे झूठ ने मोहब्बत का चेहरा बदल दिया,
जिस दिल ने तुझे चाहा, उसी ने तुझे भुला दिया।

तू बेवफा था, ये मानने में वक्त लगा,
मगर तुझसे दूर होकर खुद को समझने में मजा आया।

हमने तेरी हर गलती को प्यार समझकर सहा,
तूने हमारी खामोशी को कमजोरी समझ लिया।

तेरे साथ बिताया हर पल याद तो आता है,
मगर वही पल अब दिल को तुझसे दूर कर जाता है।

जिसे खोने से कभी डरते थे सबसे ज्यादा,
आज उसी से दूर रहना सुकून देता है।

तेरी बेवफाई का हिसाब क्या रखते हम,
तू अपना था ही कब, जो तुझे बेगाना कहते हम।

मोहब्बत में तेरा नाम सबसे खास था,
अब उसी नाम से दिल को सबसे ज्यादा नफरत है।

तूने दिल तोड़ा, हमने खुद को संभाल लिया,
तेरी बेवफाई को अपनी जिंदगी का सबक बना लिया।

अब लौटकर मत आना पुराने प्यार का बहाना लेकर,
दिल ने तुझे भुला दिया है, बहुत दर्द सहने के बाद।

Attitude Nafrat Shayari in Hindi

हम बदलते नहीं किसी के कहने से,
लोग अपनी औकात दिखा जाते हैं हमें आजमाने से।

नफरत है तो दिल से रखो, दिखावे की जरूरत नहीं,
हमसे मुकाबला करना है तो किसी बहाने की जरूरत नहीं।

जो हमें गिराने की कोशिश में लगे रहते हैं,
वही अक्सर हमारी उड़ान देखकर जलते रहते हैं।

हमारी पहचान किसी के साथ से नहीं होती,
हम जहाँ खड़े होते हैं, वहीं से बात बड़ी होती है।

तेरी बेरुखी ने हमें भी बेपरवाह बना दिया,
जिसे खास समझा था, उसे आम बना दिया।

अब न किसी से शिकायत है, न किसी से उम्मीद,
जिसने जैसा समझा, हमने वैसा ही कर दिया स्वीकार।

हम दिल से रिश्ते निभाते हैं, मजबूरी से नहीं,
और नफरत भी करते हैं तो किसी के डर से नहीं।

जिन्हें लगता था हम उनके बिना टूट जाएंगे,
वक्त आने पर वही हमारी कमी महसूस करेंगे।

तुम्हारे बदलने का हमें कोई अफसोस नहीं,
हम भी अब पहले जैसे किसी के लिए खास नहीं।

हमसे जलने वालों को जलने दो आराम से,
हम अपनी दुनिया जीते हैं अपने अंदाज से।

जो कल तक हमें नीचा दिखाने की बात करते थे,
आज वही हमारी एक झलक पाने को तरसते हैं।

हमारी जिंदगी में जगह कम, लेकिन खास होती है,
जो निकल जाए दिल से, फिर उसकी कोई बात नहीं होती।

नफरत करने वालों से भी मुस्कुराकर मिलते हैं,
क्योंकि हम जवाब शब्दों से नहीं, अपने मुकाम से देते हैं।

Self Respect Nafrat Shayari

जहाँ मेरी इज़्ज़त नहीं, वहाँ मेरा ठहरना भी नहीं,
दिल से उतर जाए कोई, फिर उससे कोई रिश्ता भी नहीं।

हमने हर रिश्ते को दिल से निभाया है,
पर खुद की इज़्ज़त से कभी समझौता नहीं किया है।

जिसे हमारी कदर नहीं, उसे पाने की चाहत कैसी,
अपने सम्मान से बढ़कर किसी रिश्ते की कीमत कैसी।

तुम्हें खोने का डर था, अब खुद को खोने से डरते हैं,
इसलिए जो दिल दुखाए, उससे दूर रहना बेहतर समझते हैं।

नफरत नहीं थी तुमसे, हालात ने सिखा दिया,
जहाँ सम्मान नहीं मिला, वहाँ से खुद को हटा लिया।

हम झुक सकते हैं रिश्ते बचाने के लिए,
मगर अपनी इज़्ज़त मिटाकर किसी के साथ नहीं रहते।

जो हमें बार-बार नीचा दिखाते हैं,
हम उन्हें अपनी जिंदगी से चुपचाप मिटाते हैं।

अब किसी के बदलने का इंतजार नहीं करते,
जो सम्मान न दे, उससे दोबारा प्यार नहीं करते।

हमारी खामोशी को कमजोरी मत समझना,
आत्मसम्मान के आगे हर रिश्ता छोटा लगता है।

तुम्हारे बिना रहना मुश्किल जरूर था,
मगर अपनी इज़्ज़त खोकर तुम्हारे साथ रहना मंजूर नहीं था।

जिस दिन खुद की कीमत समझ आ गई,
उसी दिन गलत लोगों से नफरत हो गई।

हम किसी से बदला लेने की चाहत नहीं रखते,
बस खुद की इज़्ज़त के लिए दूरी रखते हैं।

जो दिल से अपना हो, उसे कभी ठुकराते नहीं,
जो सम्मान न करे, उसके सामने हम झुकते नहीं।

अब रिश्ते वही अच्छे लगते हैं जहाँ सम्मान मिले,
वरना अकेले रहना भी हजार रिश्तों से बेहतर लगे।

तुमने हमें खोया है, हमने सिर्फ एक रिश्ता छोड़ा है,
अपनी इज़्ज़त बचाकर हमने खुद को फिर से जोड़ा है।

Short Nafrat Shayari in Hindi

जिसे दिल से उतार दिया,
उससे फिर क्या प्यार किया।

तेरी यादें भी अब बोझ लगती हैं,
तेरी बातें भी झूठी लगती हैं।

मोहब्बत खत्म हो गई,
अब सिर्फ नफरत बाकी है।

तू अपना था, इसलिए दर्द हुआ,
वरना गैरों से क्या गिला हुआ।

जिसने दिल तोड़ा है,
उससे रिश्ता भी तोड़ा है।

अब तेरा नाम नहीं भाता,
दिल तुझसे दूर ही रहना चाहता।

तेरी बेवफाई याद रहेगी,
मगर मोहब्बत नहीं रहेगी।

नफरत भी उसी से है,
जो कभी सबसे खास था।

तू बदल गया तो क्या हुआ,
हमने भी तुझे भुला दिया।

अब कोई उम्मीद नहीं,
तुझसे कोई मोहब्बत नहीं।

दिल ने तुझे माफ कर दिया,
मगर अपना मानना छोड़ दिया।

तेरी यादों से आजाद हैं,
अब हम खुद के साथ हैं।

जो दर्द दिया, वो याद है,
इसीलिए दिल तुझसे नाराज़ है।

तू दूर है तो सुकून है,
तेरी यादों से भी जुनून है।

अब तेरी कोई बात नहीं,
दिल में तेरी कोई जगह नहीं।

तेरी हर बात अब चुभने लगी है,
दिल में तेरे लिए नफरत जगने लगी है।

जिसे कभी अपनी दुनिया माना था,
आज उसे ही बेगाना जाना है।

तेरे झूठ से अब दिल भर गया,
जो थोड़ा प्यार था, वो भी मर गया।

अब तुझसे कोई वास्ता नहीं,
दिल में तेरे लिए कोई जगह नहीं।

तेरी बेरुखी का असर ऐसा हुआ,
मोहब्बत का हर एहसास खत्म हुआ।

तूने हमें दर्द देकर भुला दिया,
हमने भी तुझे दिल से मिटा दिया।

अब तेरी यादों में खोते नहीं,
तेरे लिए हम अब रोते नहीं।

जिस पर कभी खुद से ज्यादा ऐतबार था,
उसी से आज दिल को इनकार है।

तेरी मोहब्बत एक अधूरी कहानी थी,
जिसके अंत में सिर्फ नफरत की निशानी थी।

अब न तेरा इंतजार है, न तुझसे कोई गिला,
जिस राह पर तू मिला था, वहीं तुझसे दिल जुदा हुआ।

Sad Nafrat Dard Shayari in Hindi

जिसे अपना समझा, वही दर्द दे गया,
दिल में प्यार था, वो नफरत दे गया।

तेरे जाने का गम अब भी दिल में है,
बस फर्क इतना है, अब प्यार नहीं नफरत है।

हमने तुझसे सच्ची मोहब्बत की थी,
तूने उसी मोहब्बत की सजा दी थी।

तेरी यादें आज भी रुला देती हैं,
पुरानी बातें दिल में दर्द जगा देती हैं।

तूने जो तोड़ा, वो दिल था मेरा,
अब किसी पर भरोसा करना मुश्किल है मेरा।

कभी तेरा नाम सुकून देता था,
आज वही नाम दिल को दर्द देता है।

तुझसे बिछड़कर इतना बदल गए हम,
अब दर्द भी सहते हैं और मुस्कुराते हैं हम।

तेरी बेवफाई का दर्द कम नहीं हुआ,
बस तेरे लिए प्यार अब बाकी नहीं रहा।

जिसे पाने की दुआ हर रोज़ करते थे,
आज उसी से दूर रहने की दुआ करते हैं।

तेरे दिए जख्मों का हिसाब नहीं रखा,
बस दिल ने तेरा नाम लेना छोड़ दिया।

मोहब्बत में जो खोया, वो कभी मिल न सका,
नफरत मिली तो दिल फिर संभल न सका।

तेरी खामोशी ने बहुत कुछ कह दिया,
हमने भी फिर तुझे अपना कहना छोड़ दिया।

दर्द इतना था कि आँखें भी थक गईं,
तुझसे जुड़ी सारी उम्मीदें भी मर गईं।

तूने हमें अकेला छोड़ दिया राहों में,
अब तेरा नाम भी नहीं आता मेरी आहों में।

जिस रिश्ते को बचाने में खुद को खो दिया,
उसी रिश्ते ने हमें अंदर से तोड़ दिया।

Nafrat Love Shayari In Hindi​

जिसे दिल ने कभी अपनी जान माना था,
आज उसी से दूर रहना बेहतर जाना है।

मोहब्बत की शुरुआत तेरे नाम से हुई थी,
मगर कहानी हमारी नफरत पर खत्म हुई।

तुम्हें चाहा था हमने अपनी हद से भी ज्यादा,
तुमने वही प्यार लौटा दिया दर्द बनाकर आधा।

कभी तेरी बातों में सुकून मिला करता था,
अब वही आवाज़ दिल को चुभा करती है।

तेरे साथ देखे थे जो ख्वाब कभी,
आज उन्हीं ख्वाबों से नफरत होती है सभी।

प्यार में तुमसे कोई शिकायत नहीं थी,
बस तुम्हारी बेवफाई दिल को मंजूर नहीं थी।

जिसे खोने से डरते थे हर पल,
आज उसी के बिना सुकून है हर पल।

तुमने प्यार को मज़ाक समझकर छोड़ दिया,
हमने भी तुम्हें दिल से निकालकर छोड़ दिया।

तेरी मोहब्बत ने जो दर्द दिया है,
उसी दर्द ने हमें मजबूत किया है।

कभी तुम्हारे लिए दिल बेचैन रहता था,
अब तुम्हारा जिक्र भी अजनबी सा लगता है।

हमारी मोहब्बत सच्ची थी, इसमें शक नहीं,
तुम बदल गए, इसमें भी कोई शक नहीं।

तुम्हारे बाद दिल ने एक बात समझी है,
हर खूबसूरत रिश्ता हमेशा सच्चा नहीं होता।

जिस दिल में तेरे लिए प्यार बसाया था,
उसी दिल ने आज तुझे भुलाया है।

अब न तेरा इंतजार है, न तेरी चाहत,
खत्म हो चुकी है वो पुरानी मोहब्बत।

तू कभी मेरा था, यही सबसे बड़ा दर्द है,
अब तू मेरा नहीं, यही दिल की सबसे बड़ी राहत है।

Deep Nafrat Bhari Shayari in Hindi

जिसे अपना समझकर हर राज़ बताया था,
उसी ने मेरी खामोशी का तमाशा बनाया था।

अब किसी से दिल लगाने का मन नहीं करता,
एक धोखे ने रिश्तों पर भरोसा कम कर दिया।

तुम्हारी यादें अब दर्द नहीं देतीं,
बस ये एहसास देती हैं कि हम कितने मासूम थे।

जिस इंसान के लिए सब कुछ छोड़ दिया,
उसी ने हमें अकेले चलना सिखा दिया।

नफरत इतनी भी नहीं कि बदनाम करें तुम्हें,
बस अब इतना है कि नाम सुनकर भी खामोश रहें।

कभी जिसकी एक मुस्कान सुकून देती थी,
आज उसी चेहरे से नजरें मिलाना अच्छा नहीं लगता।

हमने रिश्ते को आखिरी सांस तक निभाया,
तुमने मतलब खत्म होते ही रास्ता बदल लिया।

कुछ जख्म वक्त के साथ भर जाते हैं,
कुछ लोग याद आते ही फिर से दर्द दे जाते हैं।

अब शिकायत भी किससे करें तुम्हारी,
जिसे परवाह ही नहीं, उसे दर्द क्या बताएँ।

तुम्हारे बदलने का गम नहीं रहा अब,
अफसोस बस इस बात का है कि हमने तुम पर भरोसा किया।

जिसे अपनी दुनिया समझ बैठे थे,
वही हमारी दुनिया उजाड़कर चला गया।

अब मोहब्बत का नाम भी अच्छा नहीं लगता,
जब से सच्चे रिश्ते का मतलब समझ आया है।

तुमसे दूर होकर एक बात समझ आई,
हर अपना दिखने वाला इंसान अपना नहीं होता।

हमने तुम्हें माफ तो कर दिया है,
मगर दोबारा अपनी जिंदगी में जगह नहीं दी।

नफरत भी उसी से होती है,
जिससे कभी सच्ची मोहब्बत हुई हो।

अब तेरी बातों पर यकीन नहीं होता,
क्योंकि सच से ज्यादा झूठ करीब देखा है।

जो दर्द तुमने दिया, उसे भूलना आसान नहीं,
मगर तुम्हें याद करके रोना भी अब पसंद नहीं।

कभी तुम्हारे बिना एक पल मुश्किल लगता था,
आज तुम्हारे बिना पूरी जिंदगी आसान लगती है।

Nafrat shayari in hindi for girl

जिसे अपना समझा, वही पराया कर गई,
एक मुस्कान के पीछे कितनी सच्चाई छुपा गई।

तुम्हारी बेरुखी ने बहुत कुछ सिखा दिया,
जिसे चाहा था, उसी से दूर रहना सिखा दिया।

अब तुम्हारी बातों का कोई असर नहीं होता,
जिस दिल में दर्द था, अब वहाँ डर नहीं होता।

तुमने रिश्ते को अपनी जरूरत समझ लिया,
हमने भी तुम्हें अपनी जिंदगी से अलग कर दिया।

कभी तुम्हारी एक झलक खुशी देती थी,
आज वही चेहरा पुरानी तकलीफ याद दिलाता है।

तुम्हारी याद अब आंखों में नमी नहीं लाती,
बस बीती हुई गलती का एहसास कराती है।

जिस भरोसे को मैंने जान से ज्यादा रखा,
उसी भरोसे को तुमने पल भर में तोड़ दिया।

तुम बदल गईं, ये देखकर दुख हुआ,
मगर खुद को बदलकर मैंने सुकून पा लिया।

अब न कोई शिकायत है, न कोई सवाल,
तुम अपनी दुनिया में खुश रहो, हम अपने हाल में खुशहाल।

जिसे पाने की कभी दिल में चाहत थी,
आज उसी से दूरी ही सबसे बड़ी राहत है।

तुम्हारे झूठ ने मोहब्बत का चेहरा बदल दिया,
एक सच्चे रिश्ते को भी शक के हवाले कर दिया।

तुम्हें खोने का डर कभी सताता था,
अब तुम्हें खोकर खुद को बेहतर पाया है।

नफरत नहीं होती हर बेवफाई से,
कभी-कभी बस इंसान खामोश होकर दूर चला जाता है।

तुम्हारे साथ बिताए पल याद तो आते हैं,
मगर अब उनमें खुशी से ज्यादा सबक नजर आते हैं।

जिस लड़की पर खुद से ज्यादा भरोसा किया,
उसी ने हमें खुद पर भरोसा करना सिखा दिया।

अब तुम्हारा नाम सुनकर दिल नहीं टूटता,
बस बीता हुआ वक्त थोड़ा अजनबी लगता है।

तुमने समझा था हम हमेशा इंतजार करेंगे,
वक्त ने बता दिया कि हम आगे भी बढ़ सकते हैं।

तुम्हारी कमी कभी बहुत महसूस हुई थी,
आज वही कमी जिंदगी की शांति बन गई है।

Conclusion:

Nafrat Shayari in Hindi beautifully expresses pain, betrayal, anger, and broken feelings. These emotional lines are perfect for sharing your true feelings through WhatsApp, Instagram, or social media.

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